उत्तरदायित्व

भारतीय विधिक माप विज्ञान संस्थान विधिक माप विज्ञान के क्षेत्र में एक प्रमुख एवं प्रतिष्ठित संस्थान है। इसकी स्थापना स्टैंडर्ड वेट एंड मेजर्स अधिनियम, 1976 के प्रावधानों के अंतर्गत की गई थी तथा वर्तमान में यह विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की धारा 21 के अंतर्गत कार्य कर रहा है। संस्थान के कार्य एवं दायित्व भारतीय विधिक माप विज्ञान संस्थान नियम, 2011 में निर्धारित किए गए हैं।

प्रशिक्षण एवं अनुसंधान की सुविधाओं को प्रभावी बनाने हेतु संस्थान निम्नलिखित कार्य करता है

  1. 1. विधिक माप विज्ञान तथा ज्ञान की अन्य संबद्ध शाखाओं से संबंधित पुस्तकों, मैनुअल, हैंडबुक, पत्रिकाओं, निर्देश पुस्तिकाओं, नोट्स, शोध पत्रों एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों का निर्माण, मुद्रण एवं प्रकाशन करना।
  2. 2. संस्थान परिसर में ऐसे उपकरण स्थापित करना तथा प्रयोगशालाओं का रखरखाव करना, जो निदेशक की राय में संस्थान के कार्यों के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक हों।
  3. 3. विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग एवं तकनीकी महाविद्यालयों को विधिक माप विज्ञान एवं संबद्ध विषयों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर की शिक्षा प्रारंभ करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए योजनाएँ तैयार करना एवं उन्हें लागू करना।
  4. 4. विधिक माप विज्ञान से संबंधित कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उपयुक्त संस्थागत, विधिक एवं प्रशासनिक ढाँचे के अध्ययन हेतु योजनाएँ तैयार करना।
  5. 5. भारत तथा विदेशों में स्थित ऐसी संस्थाओं एवं संगठनों के साथ सहयोग एवं समन्वय स्थापित करना, जो विधिक माप विज्ञान के प्रशिक्षण एवं विकास के क्षेत्र में उपयोगी कार्य कर रहे हों।
  6. 6. विधिक माप विज्ञान एवं संबद्ध विषयों में अध्ययन एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित करने हेतु पुस्तकालय की स्थापना एवं उसका रखरखाव करना।