डॉ. राजेश्वर कुमार, निदेशक
प्रिय आगंतुक,
भारतीय विधिक मापविज्ञान संस्थान के बारे में क्या खास है? मेरे लिए कुछ ऐसी विशेषताएँ हैं, जो हमारे इस प्रशिक्षण संस्थान को वास्तव में विशिष्ट बनाती हैं।
"जीवन एक लंबी यात्रा है, जिसमें हम सभी एक-एक मील का पत्थर पार करते हुए निरंतर आगे बढ़ते रहते हैं। यात्री भले ही आगे बढ़ जाए, लेकिन उसके पदचिह्न समय की रेत पर सदैव अंकित रहते हैं। इसी प्रकार हमारा संस्थान अपने गौरवशाली अतीत की स्मृतियों और संजोए हुए पलों को साथ लेकर निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और अपने स्वर्णिम इतिहास के पन्नों पर सफलता की अमिट छाप छोड़ रहा है।
हमारे संस्थान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक प्रशिक्षु अधिकारी को कठोर परिश्रम और समर्पण के माध्यम से सफलता प्राप्त करने हेतु प्रेरित करना है। हम सभी भली-भांति जानते हैं कि हमारा संस्थान शिक्षा का एक मंदिर है, जहाँ विधिक माप विज्ञान के अधिकारियों को इस प्रकार प्रशिक्षित किया जाता है कि वे अपने क्षेत्र में सक्षम, ज्ञानवान और कुशल बन सकें। संस्थान के दर्शन का मूल सार यह है कि प्रशिक्षण तब सबसे प्रभावी होता है, जब यह संकाय और प्रशिक्षु अधिकारियों के बीच एक संयुक्त प्रयास के रूप में संपन्न हो। यही सिद्धांत भारतीय विधिक मापविज्ञान संस्थान की सफलता की आधारशिला रहा है और यहाँ प्रदान की जाने वाली उत्कृष्ट शिक्षा एवं प्रशिक्षण की कुंजी भी है।
हम, भारतीय विधिक मापविज्ञान संस्थान, रांची के सदस्य, दृढ़ अनुशासन और गरिमा में विश्वास रखते हैं, जो जीवन में सफलता प्राप्त करने के महत्वपूर्ण तत्व हैं। यह सर्वविदित है कि स्वस्थ वातावरण में ही स्वस्थ मन का विकास होता है। मैं संस्थान के सभी संकाय सदस्यों और कर्मचारियों का हृदय से आभारी हूँ, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद एक स्वच्छ, स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण के निर्माण में अपना सर्वोत्तम योगदान दिया है।
हमने एक ऐसे वातावरण के निर्माण का प्रयास किया है, जहाँ प्रत्येक प्रशिक्षु को एक ऐसे पौधे के रूप में पोषित किया जा सके, जो भविष्य में एक सुदृढ़ और फलदायी वृक्ष के रूप में विकसित हो।"





